| 01. | ट्रस्ट का मुख्य ट्रस्टी ही इसका स्थायी अध्यक्ष होगा। मुख्य ट्रस्टी ही ट्रस्ट की बैठकों की अध्यक्षता करेगा। बैठक में बराबर मत आने पर निर्णायक मत देगा। बैठक आहूत करेगा। ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व करना। ट्रस्ट से सम्बन्धित समस्त दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना। ट्रस्ट के आर्थिक व चल-अचल सम्पत्ति के लेन-देन पर हस्ताक्षर करना। मुख्य ट्रस्टी अधिकृत व्यक्तियों को उस कार्य से हटा सकेगा। |
| 02. | मुख्य ट्रस्टी एक अथवा दो से अधिक ट्रस्टियों को किसी प्रकार का कार्य करने के लिए अधिकृत कर सकता है। अधिकृत किया हुआ व्यक्ति मुख्य ट्रस्टी के निर्देशानुसार कार्य करेगा। यह कार्य ट्रस्ट की ओर से किया हुआ माना जायेगा। |
| 03. | ट्रस्ट के कार्यालय के संचालन हेतु मुख्य ट्रस्टी किसी भी व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है एवं हटा सकता है। इसी प्रकार ट्रस्ट की चल-अचल सम्पत्ति पर नियंत्रण व उसके संचालन के लिए मुख्य ट्रस्टी किसी भी व्यक्ति को अधिकृत कर सकता है। |
trust se sachiv ko bahar kaise kiya ja sakta hai...Kya ye possible hai
ReplyDeleteKripya batane ka kast kare
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