ट्रस्ट के अधिकार एवं कर्तव्य -

ट्रस्ट के अधिकार एवं कर्तव्य -

01.ट्रस्ट को अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए शासकीय एवं अशासकीय स्रोतों से तथा अन्य वैध तरीकों से आर्थिक संग्रह करने का अधिकार होगा तथा आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकेगा।
02.ट्रस्ट किसी भी चल एवं अचल सम्पत्ति को क्रेता के रूप में अथवा दान के रूप में ग्रहण कर सकेगा एवं ट्रस्ट के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किसी भी सम्पत्ति को किराए अथवा लीज पर ले सकेगा।
03.ट्रस्ट में निहित किसी भी चल व अचल सम्पत्ति के रख-रखाव, जीर्णोद्धार, नवनिर्माण एवं आवश्यकतानुसार परिवर्तन व अन्य प्रकार की आवश्यक व्यवस्था कर सकता है।
04.ट्रस्ट को आवश्यकतानुसार श्रमिक तथा कर्मचारियों को नियुक्त करने का अधिकार होगा तथा कार्यरत श्रमिक तथा कर्मचारियों की सेवाओं के संचालन हेतु नियम बनाने का एवं समय-समय पर नियमों में आवश्यक परिवर्तन करने का और उत्पन्न विवाद का निर्णय करने का पूर्ण अधिकार होगा।05.ट्रस्ट अपने नियमों में आवश्यकतानुसार संशोधन, परिवर्तन एवं परिवद्र्धन कर सकेगा।
06.ट्रस्ट के अपने कार्य को सुचारू संचालन हेतु एवं ट्रस्ट हितों की रक्षार्थ कानूनी सलाहकार एवं ऑडिटर नियुक्त करने का अधिकार होगा।
07.ट्रस्ट आवश्यकता पडऩे पर एवं विभिन्न गतिविधियों को संचालित करने के लिए उप समितियों का गठन कर सकेगा तथा उसके नियम एवं उपनियम भी बना सकेगा।

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