ट्रस्ट के उद्देश्य -

ट्रस्ट के उद्देश्य -

(अ) सामाजिक उद्देश्य -
01.समाज में फैली कुरूतियों को दूर करने हेतु प्रवचन, सेमिनार, अन्य कार्यक्रम आदि का आयोजन करना ।02.धर्म के प्रति फैली हुई भ्रांतियों को दूर करना और शुद्ध धर्म का वैज्ञानिक आधार पर प्रचार प्रसार करना।
03.विपश्यना विद्या का प्रचार प्रसार करना।
04.सेन्टर फॉर पब्लिक अवेयरनेस एण्ड इन्फॉरमेशन की गतिविधियों को संचालित करना और इसके द्वारा समाज के लोगों को जागरूक करना।
05.मनुष्यों में करूणा, प्रेम और मैत्री का प्रसार करना।06.कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए बेटी बचाओ अभियान को आगे बढ़ाना। इसके लिए सामाजिक जागरूकता हेतु साहित्य, पुस्तकें, वीडियो केसेट्स, सी.डी., डी.वी.डी. का निर्माण एवं वितरण करना। इस हेतु प्रवचन, सेमिनार, अन्य कार्यक्रम आदि का आयोजन करना ।
07.सामाजिक उत्थान के लिए तत्कालीन समय अनुसार कार्य करना।
08.महिलाओं को शिक्षा एवं अधिकारों के प्रति जागरूक करना।
09.विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं की आर्थिक सहायता करना व उनके जीविकोपार्जन के लिए लघु एवं कुटीर उद्योगों की स्थापना करना।
10.ऐसे जरूरतमंद व्यक्तियों जो अक्षम हैं, विकलांग हैं, मानसिक या शारीरिक रूप से कमजोर हैं या निर्धन वर्ग के हैं उनके उत्थान व जीविकोपार्जन के लिये आर्थिक सहायता करना एवं उनके जीविकोपार्जन के लिए लघु एवं कुटीर उद्योगों की स्थापना करना।11.निर्धन छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने के लिए छात्रवृत्ति देना व उनकी शिक्षा की व्यवस्था करना।12.समाज के वृद्धजनों की सेवा के कार्य करना।13.रोग पीडि़तों को चिकित्सा सुविधा में मदद करना।14.मुद्रण, प्रकाशन, वितरण एवं संचार के माध्यमों से देशवासियों में जाग्रति लाना, जिसमें मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य (वैकल्पिक चिकित्सा), गरीबी उन्मूलन एवं असहाय की सहायतार्थ कार्य करवाना।15.उपभोक्ता संरक्षण तथा उपभोक्ता हितों की रक्षार्थ कार्यक्रमों का संचालन, उसके संदर्भ में कार्यक्रमों का आयोजन एवं प्रकाशन, टी.वी. सीरियल एवं इन्टरनेट समाचार बुलेटिन आदि का प्रसारण करना।
(ब) शैक्षणिक उद्देश्य -
01.छात्र-छात्राओं को पूर्व प्राथमिक, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक, सीनियर उच्च माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा के लिए कॉलेज शिक्षा प्रदान करना, विद्यालय एवं उनका सुचारू रूप से संचालन करना एवं उनका रख रखाव करना।
02.विभिन्न स्तरों पर खेल एवं खिलाडिय़ों के विकास के लिए प्रतियोगिताएं और प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन करना।
03.छात्र-छात्राओं को कम्प्यूटर/इन्जीनियरिंग/आयुर्वेद एवं चिकित्सा अनुसंधान की व्यवस्था करना।
04.छात्र-छात्राओं के लिए चिकित्सा की शाखाओं में अनुसंधान हेतु बहुउद्देशीय एवं बहुस्तरीय योजना तैयार कर क्रियान्वित करना।
05.चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के अन्तर्गत प्रशिक्षण। विभिन्न विषयों में प्रशिक्षण संस्थाओं का व्यवस्था करना और प्रबन्ध करना।
06.चिकित्सा और शिक्षा से संबंधित विभिन्न विषयों पर या विधाओं पर अनुसंधान करवाना।07.तात्कालिक युग को मध्यनजर रखकर शैक्षणिक उद्देश्यों को बढ़ाया जा सकता है और तात्कालिक युग में प्रचलित शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा प्रारम्भ कर संचालित की जा सकती है।
08.ऐसी अन्य व्यवस्थायें कार्य एवं क्रियाकलाप करना जो आवश्यक हों और ट्रस्ट के शैक्षणिक एवं सामाजिक उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक हों, को क्रियान्वित करना।
09.उपरोक्त शैक्षणिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए व्यावसायिक शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में अधिक से अधिक छात्रछा त्राओं को सफल होने के लिए विभिन्न कोचिंग कक्षाओं की व्यवस्था करना।
10. होम्योपैथ, आयुर्वेद एवं चिकित्सा विज्ञान के विभिन्न विभागों में शोध कार्य करना एवं करवाना।11.एलोपैथी के अलावा अन्य वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के विकास के लिए कार्य एवं अनुसंधान के लिए अस्पताल एवं शिक्षण कार्य के लिए विद्यालय आदि खोलना।
(स) चिकित्सा सम्बन्धी उद्देश्य -
01.दंत चिकित्सा के प्रचार प्रसार हेतु निशुल्क डेन्टल चैक-अप केम्पस का आयोजन करना।
02.ओरल कैन्सर, सरवाईकल कैन्सर की चिकित्सा एवं रोकथाम करने हेतु के केम्प लगाना, सेमीनार का आयोजन करना और अन्य गतिविधियों में भाग लेना।03.विभिन्न प्रकार के कैंसर रोगों की रोकथाम एवं ईलाज हेतु व्यवस्था करना, अस्पताल चलाना।04.कैंसर रोग से लडऩे हेतु विदेशी संस्थाओं से तालमेल करना और उचित सहायता लेना।
05.एड्स से लडऩे के लिए समाज में जागरूकता उत्पन्न करना।
06.एड्स से पीडि़त और एच.आई.वी. संक्रमित लोगों की चिकित्सकीय सहायता करना।
07.होम्योपैथ, आयुर्वेद अनुसंधान एवं शिक्षा के विकास हेतु योगदान।
08.होम्योपैथ एवं आयुर्वेद की विविध शाखाओं में अनुसंधान हेतु बहुउद्देशीय योजना तैयार कर क्रियान्वित करना।
09.होम्योपैथ, आयुर्वेदिक एवं अन्य चिकित्सा पद्धतियों के निदान एवं चिकित्सा शिविरों का आयोजन कर स्वास्थ्य सेवा करना।
10.ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले प्रत्येक वर्ग को चिकित्सा सम्बन्धी सुविधायें उपलब्ध करवाना जो शहरों में उपलब्ध है।
11.निर्धन वर्ग को चिकित्सा प्राप्त करने के लिए आर्थिक सहयोग करना।
12.किसी वर्ग के व्यक्ति को किसी भी गंभीर रोग की चिकित्सा कराने के लिए सहयोग करना।
13.कुपोषण एवं अन्य व्याधियों के निदानार्थ बालक, बालिकाओं एवं गर्भवती महिलाओं के लिए शिविरों का आयोजन करवाना
तथा विभिन्न आहार एवं औषधि अन्य प्रकार के विटामिन्स , मिनरल्स एवं फूड सप्लीमेंट आदि का निशुल्क वितरित करना।
14.चिकित्सकीय अनुसंधान करना एवं करवाना।

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